इश्क़ _मोहब्वत
सरल बातों से, सरल अंदाज़ में, सरलता से पेश आते हो, ऐसा सरल गुण कहां से लाते हो? जवाब में सरलता से कह दिए कि बहुत पेचीदा हूं मैं, पर मुझे बिल्कुल शीशे की तरह, साफ नज़र आते हो। क्या तुम में कोई कमी नहीं? ऐब नहीं? तुमने कहा बिल्कुल है, पर मैं समझ नहीं पाया, आखिर कैसे उसे छिपाते हो? "मयंक"
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