जीवन_राही
जीवन_राही बेगाने शहर में अब मन सा लगने लगा है पुराना गाँव अब भूल सा गया हूं, भागदौड़ में आराम की आस है मुझे अजनबी कहते हैं मैं थोड़ा नया हूं अब किसको पता, किसको ख़बर अभी जहां पहुंचा...