जीवन_राही
जब तुमको खबर नहीं हमारी तो हम भी तुमसे क्यों पूछें कि कैसा हाल तुम्हारा है ? तुम न ठहरे पल भर भी तब ये प्रेम भाव फिर अब कैसा? ये कैसा अजब नज़ारा है? "मयंक"